हम एक बार फिर से लेकर आए हैं जैकपॉट शेयर, ऐसा शेयर जिसमें निवेश से
आपको बंपर मुनाफा मिलेगा। जैकपॉट शेयर वो शेयर है जो लंबी अवधि में तो
शानदार मुनाफा देते ही हैं, छोटी अवधि में भी निवेशकों को शानदार रिटर्न
देने की क्षमता रखते हैं। यानि, मजबूत फंडामेंटल वाले ऐसे शेयर जिसमें आगे
अच्छी तेजी की उम्मीद है।
टाटा स्टील, टाटा ग्रुप की स्टील कंपनी है, जिसका गठन 1907 में हुआ। ये एशिया की पहली इंटीग्रेटेड कंपनी है। टाटा स्टील दुनिया की 10 सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल है। इसकी 26 देशों में फैक्ट्रियां और 3 करोड़ टन उत्पादन क्षमता है। 50 से ज्यादा देशों में कंपनी कारोबार करती है। कंपनी का कारोबार 3 हिस्सों में बटा हुआ है। पहला भारतीय कारोबार, दूसरा यूरोप का कारोबार और तीसरा दक्षिण-पूर्व एशियाई कारोबार।
ताजा रिपोर्ट के मुताबिक 52 करोड़ पाउंड में यूके पेंशन मामले का सेटलमेंट होगा। इस सेटलमेंट के बाद शेयर की रीरेटिंग होगी। पहले सेटमेंट का खर्च 1-2 अरब पाउंड आंका जा रहा था। कंपनी पर कुल कर्ज 76680 करोड़ रुपये है, जो चालू तिमाही से कम होना शुरु हो जाएगा। कंपनी के बोर्ड ने 9000 करोड़ रुपये के बॉन्ड जारी करने को मंजूरी दी है।
कंपनी ने अपने स्पेशियलिटी स्टील यूके कारोबार लिबर्टी हाउस को बेचा और यह सौदा करीब 10 करोड़ पाउंड में हुआ। वहीं कंपनी ने लॉन्ग प्रोडक्ट कारोबार ग्रेबुल को भी बेचा। थाइसेनकृप(ThyssenKrupp) के साथ यूरोप कारोबार के जेवी के लिए कंपनी की बातचीत जारी है। और अगर ये जेवी होता है तो कंपनी का कर्ज 50 फीसदी तक कम हो जाएगा।
दुनियाभर में स्टील की डिमांड सुधरती नजर आ रही है। चीन में प्लांट बंद होने से सप्लाई ठीक हुई है। यूरोप में स्टील में मार्जिन सुधरा है। आर्सेलर और थाइसेनकृप के नतीजे बेहद मजबूत रहे हैं। टाटा स्टील के कोरस से भी अच्छे नतीजों की उम्मीद है।
भारत में स्टील सेक्टर में सुधार आया है। सरकार ने कई प्रोडक्ट पर एंटी डम्पिंग ड्यूटी लगाई है। सरकारी प्रोजेक्ट के लिए स्टील घरेलू कंपनी से खरीद जरूरी है। एचआरसी के बाद कोल्ड रोल्ड स्टील पर भी एंटी डम्पिंग ड्यूटी लगाई जा सकती है।
आज का जैकपॉट शेयर: टाटा स्टील
टाटा स्टील, टाटा ग्रुप की स्टील कंपनी है, जिसका गठन 1907 में हुआ। ये एशिया की पहली इंटीग्रेटेड कंपनी है। टाटा स्टील दुनिया की 10 सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल है। इसकी 26 देशों में फैक्ट्रियां और 3 करोड़ टन उत्पादन क्षमता है। 50 से ज्यादा देशों में कंपनी कारोबार करती है। कंपनी का कारोबार 3 हिस्सों में बटा हुआ है। पहला भारतीय कारोबार, दूसरा यूरोप का कारोबार और तीसरा दक्षिण-पूर्व एशियाई कारोबार।
ताजा रिपोर्ट के मुताबिक 52 करोड़ पाउंड में यूके पेंशन मामले का सेटलमेंट होगा। इस सेटलमेंट के बाद शेयर की रीरेटिंग होगी। पहले सेटमेंट का खर्च 1-2 अरब पाउंड आंका जा रहा था। कंपनी पर कुल कर्ज 76680 करोड़ रुपये है, जो चालू तिमाही से कम होना शुरु हो जाएगा। कंपनी के बोर्ड ने 9000 करोड़ रुपये के बॉन्ड जारी करने को मंजूरी दी है।
कंपनी ने अपने स्पेशियलिटी स्टील यूके कारोबार लिबर्टी हाउस को बेचा और यह सौदा करीब 10 करोड़ पाउंड में हुआ। वहीं कंपनी ने लॉन्ग प्रोडक्ट कारोबार ग्रेबुल को भी बेचा। थाइसेनकृप(ThyssenKrupp) के साथ यूरोप कारोबार के जेवी के लिए कंपनी की बातचीत जारी है। और अगर ये जेवी होता है तो कंपनी का कर्ज 50 फीसदी तक कम हो जाएगा।
दुनियाभर में स्टील की डिमांड सुधरती नजर आ रही है। चीन में प्लांट बंद होने से सप्लाई ठीक हुई है। यूरोप में स्टील में मार्जिन सुधरा है। आर्सेलर और थाइसेनकृप के नतीजे बेहद मजबूत रहे हैं। टाटा स्टील के कोरस से भी अच्छे नतीजों की उम्मीद है।
भारत में स्टील सेक्टर में सुधार आया है। सरकार ने कई प्रोडक्ट पर एंटी डम्पिंग ड्यूटी लगाई है। सरकारी प्रोजेक्ट के लिए स्टील घरेलू कंपनी से खरीद जरूरी है। एचआरसी के बाद कोल्ड रोल्ड स्टील पर भी एंटी डम्पिंग ड्यूटी लगाई जा सकती है।
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